Homosexuality and Unnatural Sex Relations-18 : अप्राकृतिक यौन संबंधों और समलैंगिकता में यौन अज्ञानता
इस बात को सेक्स स्पेशलिस्ट ही नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक और सामाजिक मामलों के विशेषज्ञ भी स्वीकार करते हैं कि अप्राकृतिक यौन संबंधों और समलैंगिकता में यौन अज्ञानता एक बहुत बड़ी भूमिका अदा करती है। यौन विज्ञान की अज्ञानता से विवाहित एवं अविवाहित दोनों ही भटक जाते हैं। यौन शिक्षा के अभाव में नर-नारी दोनों ही गुमराह हो जाते हैं तथा अनेक प्रकार के अप्राकृतिक कार्यों में संलग्न होकर काम (सेक्स) के प्रति विकृत धारर्ािओं में उलझ जाते हैं और अपने जीवन को स्वयं ही विषाक्त बना डालते हैं। आज चारों ओर यौन शिक्षा की आवश्यक्ता एवं अनिवार्यता के महत्व स्वीकारा जा रहा है। यौन शास्त्र की सही जानकारी न होने के कारर् िनवयुवक अनेक शारीरिक और मानसिक बीमारियां के शिकार हो रहे हैं। यौन शिक्षा वर्जित होने के कारर् िही यौन अपराधों में भी निरन्तर वृद्धि हो रही है। कामसूत्र के रचयिता महर्षि वात्स्यायन के काल में भी यौन शिक्षा वर्जित थी। नारियों को यौन शिक्षा का कोई अधिकार नहीं था। यौन क्रीड़ा के बारे में सोचना अथवा चर्चा करना एक अपराध था, पाप था। जब स्वयं पुरुष वर्ग ही यौन शिक्षा से वंचित था, त...